मधुबनी जिले के साहित्य जगत के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा, जब घोघरडीहा निवासी डॉ. नारायण जी और ननौर गांव की रिंकी झा ऋषिका को साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वारा सम्मानित करने की घोषणा हुई। डॉ. नारायण जी को उनके बाल कथा संग्रह “अनार” के लिए बाल पुरस्कार और रिंकी झा ऋषिका को “नदी घाटी सभ्यता” के लिए युवा पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
डॉ. नारायण जी, जो पेशे से किसान हैं, साहित्य के क्षेत्र में एक चर्चित नाम हैं। उनकी कृति “अनार”, जो बच्चों के मनोभाव और आदर्शों पर आधारित है, बाल साहित्य में उत्कृष्ट मानी जाती है। वहीं, रिंकी झा ऋषिका, जो मूलतः कवियत्री हैं, अपनी रचना “नदी घाटी सभ्यता” के लिए युवा साहित्यकारों में पहचान बना चुकी हैं। उनकी कविताएं समाज के ज्वलंत मुद्दों और स्त्रियों की आवाज को बुलंद करती हैं।
साहित्य अकादमी के इस सम्मान से जिले के बुद्धिजीवी और साहित्यकारों में खुशी की लहर है। दोनों पुरस्कृत पुस्तकों का प्रकाशन नवारम्भ प्रकाशन द्वारा किया गया है। मधुबनी के इन दोनों साहित्यकारों को चारों ओर से शुभकामनाएं मिल रही
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