बढ़ती डिजिटल तकनीक के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। अब AI के जरिए न सिर्फ भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगाया जा सकता है, बल्कि किसी व्यक्ति की मौत की संभावित तारीख का भी अंदाजा लगाना संभव हो गया है। इस नई तकनीक को प्रिडिक्टिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कहा जाता है।
क्या है प्रिडिक्टिव एआई?
प्रिडिक्टिव एआई एक कंप्यूटर प्रोग्राम है, जो सांख्यिकीय विश्लेषण (Statistical Analysis) और डेटा पैटर्न की पहचान के जरिए भविष्यवाणी करता है। यह किसी भी घटना या व्यवहार का अनुमान लगाने में सक्षम है।
कैसे काम करता है प्रिडिक्टिव एआई?
प्रिडिक्टिव एआई तीन प्रमुख चरणों में काम करता है:
- डेटा की पहचान करना: बड़ी मात्रा में डेटा को पहचानने और उसका एनालिसिस करने में यह माहिर है। जितना अधिक डेटा होगा, अनुमान उतना सटीक होगा।
- मशीन लर्निंग: यह तकनीक ऑटोमेटिक तरीके से डेटा प्रोसेस करती है, जिससे प्रिडिक्शन आसान और सटीक हो जाता है।
- पैटर्न की पहचान: डेटा में छिपे पैटर्न को समझकर यह भविष्य की घटनाओं का अनुमान लगा सकता है।
भविष्य की घटनाओं तक की जानकारी
प्रिडिक्टिव एआई का उपयोग केवल मौत की तारीख जानने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग वित्त, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और अन्य कई क्षेत्रों में किया जा सकता है। यह तकनीक तेजी से बदलती दुनिया में इंसानों को बेहतर निर्णय लेने में मदद कर रही है।
क्या AI के ये प्रिडिक्शन समाज के लिए फायदेमंद होंगे या चिंता का कारण बनेंगे? यह सवाल अभी भी बहस का विषय है।
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